प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत केंद्र सरकार ने 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ से अधिक की राशि जारी की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह मदर सैंक्शन जारी की। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना है।
इस राशि का लाभ असम, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, गुजरात, तमिलनाडु और अन्य राज्यों को मिलेगा। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर न रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केवल घर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ सड़क, बिजली, पानी, गैस और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक योजना के तहत करोड़ों घरों को मंजूरी दी जा चुकी है और बड़ी संख्या में घरों का निर्माण पूरा हो चुका है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया गया कि योजना के लगभग 75 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में दिए गए हैं। इससे महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान मिला है। राज्यों द्वारा हेल्पलाइन, शिकायत निवारण और वर्षा जल संचयन जैसे नवाचारों की भी सराहना की गई।
सरकार ने राज्यों से लंबित आवासों को जल्द पूरा करने और जारी धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़, माँ के नाम” अभियान के तहत प्रत्येक लाभार्थी से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील भी की गई है।
